Tuesday, November 13, 2012

चाँद अब सुर्खियों में रहता है


अपनी ही मस्तियों में रहता है
चाँद अब सुर्खियों में रहता है

है अँधेरा भी उस के पास कहीं
सिमट कर हाशियों में रहता है

सब सितारे भी मेरे डूब चुके
दुख मेरी राशियों में रहता है

भर्म का आयना था टूट गया
दिल मेरा किरचियों में रहता है

दिल में इनसान के,का'बे में नहीं
न खुदा काशियों में रहता है

4 comments:

  1. भर्म का आयना था टूट गया
    दिल मेरा किरचियों में रहता है

    दिल में इनसान के,का'बे में नहीं
    न खुदा काशियों में रहता है

    क्या बात है .....
    माशाल्लाह ....!!
    पता नहीं आप शब्द कहाँ से लाते हैं ....?

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  2. ♥(¯`'•.¸(¯`•*♥♥*•¯)¸.•'´¯)♥
    ♥♥नव वर्ष मंगलमय हो !♥♥
    ♥(_¸.•'´(_•*♥♥*•_)`'• .¸_)♥




    सब सितारे भी मेरे डूब चुके
    दुख मेरी राशियों में रहता है

    आऽऽहा हाऽऽऽ हऽऽऽ !
    "दुख मेरी राशियों में रहता है" बहुत शानदार शेर हुआ है ...

    लेकिन मेरे सितारे शर्तिया आज बुलंदी पर रहे होंगे , आदरणीय चरनजीत मान जी
    ...कि आप जैसे एक बेहतरीन शाइर से तार्रुफ़ हो गया ।
    :) ठीक है
    आदरणीया हीर जी की बदौलत ही ...
    ये क्रेडिट उनके ही नाम सही !
    :))

    बहुत अच्छा लगा आपके ब्लॉग पर आ कर ।
    आज तो यही ग़ज़ल देखी है ... क्या ख़ूब ग़ज़ल कही है हुज़ूर !
    सुभानल्लाह... !
    एक एक शेर मुकम्मल ग़ज़ल जैसा ।

    कुछ और पोस्ट्स देखी , पंजाबी न पढ़ पाने का मलाल ताज़ा हो गया ।
    आऊंगा फिर से देवनागरी में छपी ग़ज़लियात ढूंढने ...

    हीर जी का शुक्रिया अदा न करूं ...
    ... ... ...
    ऐसा कैसे हो सकता है !

    नव वर्ष की शुभकामनाओं सहित…
    राजेन्द्र स्वर्णकार
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    Replies
    1. Mamnoon hoon, Rajendra ji, zarra-nawaazii ke liye;welcome to my site,and thanks for visiting.
      Aur aap ko bjii naye saal ki Shubh-kaamnaayen
      Achchha lagaa aap ka aana yahaan;aate rahiyega

      charanjit

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